राजस्थान।बानसूर अंबेडकर सेवा समिति और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपखंड कार्यालय पर एकत्रित होकर सहायक अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर के नाम से दिए गए विवादास्पद बयान के विरोध में था। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री का बयान संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रतीक बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करता है।

ज्ञापन में इसे संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ बताया गया और समाज में असामाजिक मानसिकता को बढ़ावा देने वाला करार दिया गया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अंबेडकर सर्किल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और पुतला फूका। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि गृह मंत्री अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। अगर सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। सावत गुर्जर ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर की विरासत और उनके योगदान पर सवाल उठाना, देश के संविधान पर सवाल उठाने के बराबर है।















