रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर AHTU टीम का जागरूकता अभियान, छह बच्चे रेस्क्यू

मुजफ्फरनगर में मानव तस्करी, बालश्रम और भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में राज्य बाल संरक्षण आयोग उत्तर प्रदेश के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ के नेतृत्व में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) टीम द्वारा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि भीख मांगना या किसी से मंगवाना दोनों ही कानूनन अपराध हैं, और यदि कोई ऐसा करता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

AHTU प्रभारी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में टीम ने आम नागरिकों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, छात्रवृत्तियों और बच्चों की शिक्षा से संबंधित अधिकारों के बारे में जानकारी दी। बच्चों को स्कूल में दाखिल कराने के लिए प्रेरित किया गया, वहीं अभिभावकों को समझाया गया कि शिक्षा ही बच्चों का भविष्य संवार सकती है। थाना कोतवाली और सिविल लाइन क्षेत्र में बाल श्रम के विरुद्ध भी जागरूकता फैलाई गई। दुकानदारों और अन्य प्रतिष्ठानों के संचालकों को आगाह किया गया कि नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराना अपराध है और यदि ऐसा करते हुए कोई पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान टीम ने मीनाक्षी चौक, आर्य समाज रोड समेत कई स्थानों पर चेकिंग की। इस दौरान आर्य समाज रोड से बालश्रम करते हुए छह नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इन बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया और उनसे श्रम करवाने वाले सेवा योजकों के विरुद्ध श्रम विभाग द्वारा कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत मीनाक्षी चौक पर दो नाबालिग बच्चों को भी भिक्षावृत्ति करते हुए पकड़ा गया, जिन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनके अभिभावकों को सौंपा गया। परिजनों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में बच्चों से भीख मंगवाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts