मुजफ्फरनगर में मैनुअल फिटनेस जांच समाप्ति पर कपिल देव अग्रवाल ने गडकरी को लिखा पत्र,

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर जनपद मुजफ्फरनगर के व्यावसायिक वाहन स्वामियों, ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों और ई-रिक्शा संचालकों की गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। मंत्री ने अपने पत्र में केंद्र सरकार के उस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है, जिसके तहत मुजफ्फरनगर में व्यावसायिक वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और वाहनों को बिजनौर तथा अन्य राज्यों में स्थित स्वचालित परीक्षण केंद्रों पर भेजा जा रहा है।कपिल देव अग्रवाल ने पत्र में उल्लेख किया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में मुजफ्फरनगर में मैनुअल फिटनेस जांच बंद कर दी गई है, जिससे स्थानीय ट्रांसपोर्ट उद्योग में भारी असंतोष और चिंता का माहौल है। बस, ट्रक, टैक्सी, लघु व्यावसायिक वाहन और ई-रिक्शा संचालकों को फिटनेस के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनके समय और संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से न केवल छोटे वाहन स्वामियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है, बल्कि उनकी आजीविका भी संकट में पड़ती दिख रही है।

राज्य मंत्री ने व्यावहारिक कठिनाइयों को रेखांकित करते हुए बताया कि अन्य जनपदों या राज्यों में फिटनेस जांच कराने के लिए जाने पर डीजल खर्च, टोल टैक्स और अन्य मदों में अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, परीक्षण केंद्रों पर लंबी प्रतीक्षा के कारण व्यावसायिक कार्यदिवसों का नुकसान हो रहा है, जिससे आय में सीधी गिरावट आ रही है। विशेष रूप से ई-रिक्शा संचालकों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई गई है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि मुजफ्फरनगर जनपद में लगभग 15 हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जो इतनी लंबी दूरी तय करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में उन्हें दूसरे जनपदों या राज्यों में फिटनेस जांच के लिए भेजना व्यावहारिक नहीं है। इससे न केवल उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी बढ़ सकते हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि यदि परीक्षण के दौरान किसी वाहन में कमी पाई जाती है, तो उसे दोबारा जांच के लिए ले जाना और वापस लाना अत्यंत जटिल, समयसाध्य और खर्चीला साबित होगा।कपिल देव अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि जनहित, रोजगार संरक्षण और स्थानीय व्यापारिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर में स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित होने तक सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में पूर्ववत मैनुअल फिटनेस जांच व्यवस्था को जारी रखने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार इस गंभीर जनसमस्या पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करेगी और शीघ्र ही कोई सकारात्मक एवं राहत देने वाला निर्णय लेगी, जिससे हजारों वाहन स्वामियों और चालकों को राहत मिल सके।

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