केंद्रीय विद्यालय के स्थान को लेकर राजगढ़ में उग्र आंदोलन, दो दिन से ऐतिहासिक बंद,

राजगढ़ कस्बे में स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय के स्थान को लेकर बीते दो दिनों से लगातार आंदोलन जारी है। आंदोलन के समर्थन में राजगढ़ का संपूर्ण बाजार पूरी तरह बंद है, जिसे आंदोलनकारियों ने ऐतिहासिक बंद बताया है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ सब्जी मंडी भी बंद रखी गई है। केवल आपातकालीन मेडिकल सेवाओं को लेकर दुकानदारों ने यह आश्वासन दिया है कि चिकित्सालय के समय पर दवाइयों की दुकानें खोली जाएंगी।

आंदोलन के तहत कस्बे में जुलूस निकाला गया, जिसके बाद गोल सर्किल पर आमसभा का आयोजन किया गया। इस सभा में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सभा में वक्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दो दिन से कस्बा बंद होने के बावजूद प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा है।

आवाज मंच के मुकेश जैमन ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ उपखंड के लिए स्वीकृत है, लेकिन भूमि का आवंटन रैणी क्षेत्र के दलालपुरा में कर दिया गया है, जो राजगढ़ की जनता को स्वीकार नहीं है। इसी के विरोध में कस्बा पूर्ण रूप से बंद किया गया है और आंदोलन जारी है।

उन्होंने बताया कि आंदोलन के दबाव में सरकार के नुमाइंदों के फोन आने लगे हैं और दूरभाष पर यह कहा गया है कि जल्द ही दलालपुरा में किया गया भूमि आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा तथा केंद्रीय विद्यालय को राजगढ़ कृषि उपज मंडी की भूमि पर खोलने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि आंदोलनकारियों का कहना है कि राजगढ़ की जनता पहले भी आश्वासनों से ठगी जा चुकी है, इसलिए अब केवल लिखित आदेश और लिखित आश्वासन ही स्वीकार किया जाएगा।

मुकेश जैमन ने चेतावनी दी कि यदि लिखित में भूमि आवंटन निरस्त करने और कृषि उपज मंडी की भूमि पर विद्यालय खोलने का आदेश नहीं आया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसके तहत राजगढ़ के व्यापारी, सामाजिक संगठन और आसपास के गांवों के लोग मिलकर टहला चौराहे पर चक्काजाम करेंगे। साथ ही जिला प्रशासन पर आरोप लगाया गया कि इतने बड़े आंदोलन के बावजूद जिला कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts