मुज़फ्फरनगर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सदर विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने एस. डी. पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को संबोधित किया। यह अवसर राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का था, जिसे पूरे देश में उत्साह और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। इस खास पल को स्मरणीय बनाते हुए मंत्री ने विद्यार्थियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने वाला प्रेरक सम्बोधन दिया।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में वन्देमातरम् पर रखे गए गहन विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वन्देमातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति का वह ऊर्जा-स्रोत है जिसने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत तक हर कालखंड में भारतीयों के मन में एकता और देशप्रेम की ज्योति प्रज्वलित की है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि यह गीत भारत की मिट्टी की सुगंध, यहां के जनमानस के सम्मान और हर भारतीय के स्वाभिमान का प्रतीक है। वन्देमातरम् हमें यह एहसास कराता है कि हम केवल एक भूमि के निवासी नहीं, बल्कि एक समृद्ध सभ्यता और महान राष्ट्र के कण-कण से जुड़े हुए हैं।
अपने संबोधन में मंत्री ने इस गीत की भावनात्मक और सांस्कृतिक गहराई को सरल भाषा में बच्चों तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को इसकी पंक्तियों में देश के प्रति कर्तव्य, त्याग, समर्पण और मातृभूमि के प्रति सम्मान का संदेश मिलता है। यही कारण है कि यह गीत वर्षों से भारतीयों की प्रेरणा और राष्ट्रीय एकता का आधार बनकर खड़ा है।
इस अवसर पर मंत्री ने चुनाव आयोग द्वारा संचालित SIR (Special Intensive Revision) अभियान की विस्तृत जानकारी भी विद्यार्थियों को दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल छात्र जीवन तक सीमित नहीं, बल्कि यह विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने, नियमित पुनरावृत्ति की आदत विकसित करने, जिम्मेदारी की भावना पैदा करने और बेहतर शैक्षिक अनुशासन स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को समझाया कि नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन, नोट्स तैयार करना, आत्म-अनुशासन और लक्ष्य निर्धारित करना जीवन में सफलता का मूल मंत्र है।
उन्होंने बच्चों को यह भी प्रेरित किया कि स्वच्छता, स्वस्थ आदतें और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषय केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं, बल्कि एक अच्छे नागरिक की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि एक जागरूक, अनुशासित और समझदार विद्यार्थी ही आगे चलकर एक जिम्मेदार नागरिक बनता है और ऐसा नागरिक ही विकसित भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।
अपने उद्बोधन में मंत्री ने कहा—
“बच्चे देश का भविष्य हैं, और उनका जागरूक व सशक्त होना ही एक विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।”
कार्यक्रम में विद्यालय का संपूर्ण स्टाफ, प्रबंधन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। सभी ने मंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम को बेहद प्रेरणादायक बताया।















