गाजा में जारी सीजफायर समझौते के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले हमास ने अपने रुख में महत्वपूर्ण नरमी दिखाई है, जो आने वाले समय में संघर्ष कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हमास के वरिष्ठ पदाधिकारी और राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य बासेम नईम ने रविवार को कहा कि चरमपंथी संगठन इजराइल के साथ युद्ध-विराम समझौते के तहत अपने हथियारों को ‘फ्रीज’ यानी अस्थायी रूप से इस्तेमाल न करने या ‘स्टोर’ यानी सुरक्षित जगहों पर रखने के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए तैयार है। यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि हमास की हथियार नीति अब तक सीजफायर वार्ताओं में सबसे जटिल और विवादित मुद्दों में से एक रही है। नईम ने कतर की राजधानी दोहा में समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में कहा कि संगठन तनाव को दोबारा बढ़ने से रोकने के लिए और किसी भी अनचाही झड़प या विस्फोटक स्थिति से बचने के लिए एक व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने को तैयार है। दोनों पक्ष वर्तमान में युद्ध-विराम समझौते के दूसरे चरण में प्रवेश करने की तैयारी कर रहे हैं, जो पहले की तुलना में अधिक संवेदनशील और कठिन होने वाला है। अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही इन वार्ताओं में हथियार नियंत्रण सबसे अहम बिंदुओं में से एक है, और हमास का यह रुख संभवतः वार्ताओं को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमास इस प्रस्ताव पर औपचारिक सहमति देता है, तो यह न केवल जमीन पर तनाव कम करेगा, बल्कि मानवीय सहायता पहुंचाने, बंधकों के आदान-प्रदान और भविष्य के राजनीतिक समाधान के रास्ते को भी आसान बनाएगा। गाजा में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को देखते हुए यह बयान क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
समझौते का अगला और सबसे पेचीदा चरण
हमास की राजनीतिक ब्यूरो के वरिष्ठ नेता बसम नईम ने दोहा (कतर) में कहा कि हमास संघर्ष को बढ़ने से रोकने के लिए किसी भी व्यापक समाधान पर चर्चा के लिए तैयार है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की मध्यस्थता में बने समझौते का अगला और सबसे पेचीदा चरण शुरू होने वाला है.
70 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए
दरअसल यह संघर्ष-विराम उस दो साल साल से ज्यादा समय तक चले इजराइली सैन्य अभियान को रोककर लागू किया गया था, जिसे इजराइल ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद शुरू किया था. उस हमले में 1,200 से अधिक लोग मारे गए थे और 250 से ज्यादा बंधक बनाए गए थे. इसके जवाब में इजराइल की कार्रवाई में 70 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए और गाजा का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया. पहले चरण में दोनों पक्षों ने बंधकों और कैदियों का आदानप्रदान किया. अब केवल एक इजराइल पुलिसकर्मी के अवशेष गाजा में बचे हैं.
दूसरा चरण और मुश्किल मुद्दे?
संघर्ष विराम पर बातचीत के दूसरे चरण की बात करें तो इसे सबसे कठिन माना जा रहा है. इसमें कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनानी होगी, जैसे कि गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, गाजा के संचालन के लिए एक तकनीकी समिति का गठन, इजराइली सेना की गाजा से वापसी और हमास का डिसआर्मामेंट. ऐसे में इन सभी बिंदुओं की निगरानी एक अंतरराष्ट्रीय बोर्ड करेगा, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पास है.
हथियार छोड़ने पर हमास का रुख
इस मामले में इजराइल की प्रमुख शर्त है कि हमास पूरी तरह हथियार छोड़ दे. यह सबसे विवादित मुद्दा है. अब ऐसे में इस मुद्दे पर नईम ने कहा कि हमास ‘प्रतिरोध का अधिकार’ रखता है, लेकिन यदि लंबे समय (5-10 वर्ष) की वास्तविक शांति-प्रक्रिया शुरू होती है, तो हथियारों को फ्रीज, स्टोर या रख देना संभव है. नईम ने यह भी कहा कि पर यह सब फिलिस्तीनी गारंटी और सहमति के तहत होगा.















