ऑस्ट्रेलिया में सात साल पहले हुई एक दर्दनाक और हाई-प्रोफाइल हत्या के मामले में भारतीय मूल के रजविंदर सिंह को हत्या का दोषी ठहराया गया है। यह मामला 2018 में सामने आया था, जब 24 वर्षीय टोयाह कॉर्डिंग्ले का शव नॉर्थ क्वींसलैंड के वांगेटी बीच की रेत में आधा दबा हुआ मिला था। यह बीच केर्न्स और पोर्ट डगलस के बीच स्थित एक मशहूर टूरिस्ट स्पॉट है। मौके पर मिले सबूतों से पता चला कि कॉर्डिंग्ले के शरीर पर कुल 26 बार चाकू से वार किए गए थे और उसका गला भी रेत में ही काटा गया था। मामले ने पूरे ऑस्ट्रेलिया को हिला दिया था।
हत्या के तुरंत बाद 41 वर्षीय रजविंदर सिंह ऑस्ट्रेलिया छोड़कर भारत भाग आया था और लगभग चार साल तक यहां रहा। 2022 में ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ औपचारिक रूप से हत्या का आरोप लगाया और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद उसे वापस ऑस्ट्रेलिया लाया गया।सिंह के खिलाफ यह दूसरा ट्रायल था। इससे पहले मार्च 2024 में ट्रायल हुआ था, लेकिन ज्यूरी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी, जिसके कारण केस अधर में लटक गया था। हालांकि, इस बार करीब एक महीने तक चले सुनवाई के बाद ज्यूरी ने रजविंदर सिंह को हत्या का दोषी करार दे दिया।इस संवेदनशील मामले में कोर्ट जल्द ही सजा का ऐलान करेगा। ऑस्ट्रेलिया में हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा आम है और माना जा रहा है कि रजविंदर को भी कठोर सजा मिल सकती है।टोयाह कॉर्डिंग्ले के परिवार ने फैसले पर राहत जताई है और कहा कि सात साल बाद आखिर उन्हें न्याय मिला। इस केस ने दोनों देशों—भारत और ऑस्ट्रेलिया—के बीच कानून और प्रत्यर्पण प्रक्रियाओं पर भी जबरदस्त चर्चा खड़ी कर दी थी।















