इंडिगो की फ्लाइट बड़ी संख्या में रद्द होने के चलते लाखों यात्रियों को हुई परेशानी के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की मांग हुई। लेकिन फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई से इनकार किया है।सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा कि ये बात सही है कि लाखों यात्री परेशान हुए हैं, बहुत लोगों के जरूरी काम छूट गए, लेकिन सरकार इस मामले को देख रही है तो उन्हें संभालने दें। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने फ्लाइट कैंसिल होने के चलते कई यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करने की बात भी मानी।
कहा- हम एयरलाइन नहीं चला सकते
याचिकाकर्ता वकील नरेंद्र मिश्रा ने याचिका दाखिल करके सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की थी, उन्होंने कहा कि 2500 से ज्यादा फ्लाइट रद्द हुई, देश भर के सारे एयरपोर्ट प्रभावित हुए, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम एयरलाइन नहीं चला सकते। भारत सरकार ने पहले ही इस मामले का संज्ञान ले लिया है। समय पर कार्रवाई की गई है।
यात्रियों की परेशानी सातवें दिन भी जारी
इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान सातवें दिन भी जारी रहा और विमानन कंपनी ने सोमवार को बेंगलुरु हवाई अड्डे से 127 उड़ानें रद्द कर दीं। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। सूत्र ने बताया कि इंडिगो ने बेंगलुरु हवाई अड्डे से रवाना होने वाली 62 उड़ानें और यहां पहुंचने वाली 65 उड़ानें रद्द की हैं। एक अन्य घटनाक्रम में, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रविवार को इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स और जवाबदेही प्रबंधक इस्द्रो पोर्क्वेरास को उड़ानों में व्यवधान को लेकर जारी किए गए ‘कारण बताओ नोटिस’ का जवाब देने के लिए और समय दे दिया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों को अपने जवाब दाखिल करने के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय, यानी सोमवार शाम छह बजे तक की समय सीमा दी गई है। पिछले कई दिनों से इंडिगो की उड़ान सेवाओं में बड़े पैमाने पर लगातार व्यवधान हो रहा है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी है। इसी पृष्ठभूमि में नियामक ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अधिकारी ने बताया कि शनिवार को जारी नोटिस में एल्बर्स और पोर्क्वेरास को रविवार शाम तक जवाब देने के लिए कहा गया था। हालांकि, दोनों अधिकारियों के अनुरोध पर जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है।
राहुल भाटिया के आंशिक स्वामित्व वाली यह विमानन कंपनी दो दिसंबर से सैकड़ों उड़ानें रद्द करने को लेकर सरकार और यात्रियों दोनों की तीखी आलोचना झेल रही है। कंपनी ने इसके लिए पायलटों की नयी उड़ान ड्यूटी और नियमों में हुए बदलाव का हवाला दिया। उड़ानें रद्द होने के कारण लाखों यात्री देशभर के हवाई अड्डों पर फंस गए।















