मुज़फ्फरनगर में संविधान दिवस के अवसर पर जिले की पुलिस लाइन में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कराया। इस दौरान उपस्थित सभी पुलिस कर्मियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों को सर्वोपरि रखने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल में संविधान के प्रति सम्मान, कर्तव्यनिष्ठा और नागरिकों की सेवा के भाव को और अधिक मजबूत करना रहा।
संविधान दिवस, जिसे हर वर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है, भारत के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण दिन का प्रतीक है। 26 नवंबर 1949 को ही भारतीय संविधान पूर्ण रूप से तैयार हुआ और उसे स्वीकृत किया गया। इस दिन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के साथ-साथ सरकारी संस्थानों में भी संवैधानिक आदर्शों, मौलिक कर्तव्यों और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस कड़ी में मुज़फ्फरनगर पुलिस ने न केवल कार्यक्रम आयोजित किया बल्कि संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा, प्रतिसार निरीक्षक ऊदल सिंह सहित अन्य अधिकारी व बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने संविधान में निहित आदर्शों के अनुरूप कर्तव्य पालन करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता के प्रति उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, जो हम सभी को समानता, न्याय और स्वतंत्रता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस बल का वास्तविक धर्म निष्पक्षता, अनुशासन और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप जनता की सेवा करना है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से पुलिस बल में न केवल देशभक्ति और जागरूकता का भाव उत्पन्न होता है, बल्कि संविधान के मूल सिद्धांतों को व्यवहार में लाने की प्रेरणा भी मिलती है।
संविधान दिवस के इस कार्यक्रम के साथ ही जिले के सभी थानों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रस्तावना का पाठ कराया गया। हर थाना स्तर पर पुलिस टीमों ने संविधान की रक्षा, देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा जनता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।
मुज़फ्फरनगर पुलिस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक है कि पुलिस बल केवल कानून-व्यवस्था का रखवाला नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों का रक्षक भी है। संविधान दिवस पर लिया गया यह संकल्प निश्चित रूप से पुलिस बल के मनोबल को मजबूत करेगा और जनता के बीच भरोसे को और अधिक प्रगाढ़ बनाने का काम करेगा।
















