मुजफ्फरनगर में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) मुजफ्फरनगर चैप्टर द्वारा जीएसटी विषय पर एक महत्वपूर्ण ब्रेकफास्ट मीटिंग होटल स्वर्ण इन्न एंड सूइट्स, सर्कुलर रोड पर आयोजित की गई। बैठक में राज्य और केंद्रीय जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिले के प्रमुख उद्यमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त सिद्धेश दीक्षित, संयुक्त आयुक्त राजनाथ तिवारी, उपायुक्त गौरी शंकर और केंद्रीय जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त सी. सुरेन्द्रन ने प्रतिभाग किया। आईआईए चैप्टर चेयरमैन अमित जैन, नेशनल सेक्रेट्री कुश पुरी और डिवीजनल सेक्रेटरी पवन कुमार गोयल ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
चैप्टर चेयरमैन अमित जैन ने हाल ही में जीएसटी कानून और अनुपालन प्रणाली में हुए परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन बदलावों का प्रत्यक्ष प्रभाव उद्यमियों पर पड़ रहा है, इसलिए इनपुट टैक्स क्रेडिट, ई-वे बिल, स्क्रुटनी, नोटिस प्रबंधन और दैनिक अनुपालन जैसे विषयों पर विभाग से स्पष्ट दिशा-निर्देश बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की कई समस्याएँ केवल प्रभावी संवाद और सहयोग से ही हल हो सकती हैं।नेशनल सेक्रेट्री कुश पुरी ने कहा कि किसी भी उद्योग की प्रगति के लिए नीति और व्यवहार के बीच संतुलन होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आईआईए सदैव उद्यमियों की आवाज को उचित मंच तक पहुँचाने और समाधान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।बैठक में आईआईए के पीआरओ तुषार गुप्ता, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, ने GST 2.0 सुधारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से कर प्रणाली अधिक पारदर्शी और सरल हुई है। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जहाँ इनपुट टैक्स रेट आउटपुट से अधिक होता है, वहाँ सरकार रिफंड उपलब्ध कराती है। यह व्यवस्था विशेष रूप से MSME सेक्टर के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है और Ease of Doing Business को मजबूत बनाती है।
मुख्य अतिथि संयुक्त आयुक्त सिद्धेश दीक्षित ने उद्यमियों की समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता उद्योगों को सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान करना है, जिससे अनुपालन सरल एवं सुगम बने। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वास्तविक समस्याओं पर त्वरित और उचित समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने समय पर रिटर्न दाखिल करने और दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने की अपील की।पूर्व कार्यकारिणी सदस्य नीरज केडिया और पूर्व चेयरमैन विपुल भटनागर ने सुझाव दिया कि विभाग और उद्योग के बीच नियमित संवाद से अधिकांश मुद्दों का तेज़ी से समाधान संभव है। कार्यक्रम का संचालन आईआईए सचिव राहुल मित्तल ने किया। उन्होंने कहा कि आईआईए हमेशा से उद्योगों और विभाग के बीच सेतु की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है और भविष्य में इस संवाद को और मजबूत किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में आईआईए कोषाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल ने सभी अतिथियों और उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। बैठक में पवन कुमार गोयल, अशोक अग्रवाल, अश्वनी खंडेलवाल, नीरज केडिया, विपुल भटनागर, मनोज अरोरा, सुधीर गोयल, शरद जैन सहित जिले के अनेक प्रतिष्ठित उद्यमी मौजूद रहे।















