मुजफ्फरनगर में स्थित एस.डी. पब्लिक स्कूल में अभिभावकों ने जोरदार हंगामा किया। यह हंगामा पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रही परिवहन समस्या को लेकर हुआ। जानकारी के अनुसार, छात्र–छात्राओं को रोजाना स्कूल आने–जाने के लिए रोडवेज बस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे बच्चे न केवल असुविधा झेल रहे हैं बल्कि सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि वे लंबे समय से स्कूल प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए अवगत करा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से आज अभिभावकों का सब्र टूट गया और उन्होंने स्कूल परिसर पहुंचकर विरोध जताया।अभिभावकों ने स्कूल इंचार्ज से सीधे सवाल किया कि क्या प्रशासन किसी अनहोनी घटना का इंतजार कर रहा है? उन्होंने बताया कि छोटे–छोटे बच्चों को रोज रोडवेज बस से भेजना बहुत जोखिम भरा है। कई बार बसें लेट आती हैं या भीड़भाड़ के कारण बच्चे खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर होते हैं। ऐसी स्थिति में उनके लिए स्कूल आना–जाना असुरक्षित हो गया है। अभिभावकों ने कहा कि वे बार–बार स्कूल प्रबंधन से अनुरोध कर चुके हैं कि या तो स्कूल खुद की परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करे या सुरक्षित प्राइवेट बसों का इंतजाम किया जाए, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया।मौके पर उपस्थित अभिभावकों ने स्कूल इंचार्ज से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दस दिनों के भीतर परिवहन व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे स्कूल के बाहर धरने पर बैठेंगे और आंदोलन को तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और यदि स्कूल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता, तो वे जिला प्रशासन से भी शिकायत करेंगे।इस दौरान कई अभिभावक भावुक भी हो गए। उनका कहना था कि शिक्षा जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी बच्चों की सुरक्षा भी है। रोजाना सड़क पर होने वाले हादसों को देखते हुए वे डर में जी रहे हैं कि कहीं कोई अप्रिय घटना उनके बच्चे के साथ न हो जाए। वहीं, कुछ अभिभावकों ने कहा कि यदि स्कूल इस मुद्दे को हल नहीं करता तो वे अपने बच्चों का दाखिला किसी अन्य सुरक्षित स्कूल में कराने पर भी विचार करेंगे।घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ स्कूल के बाहर जमा हो गई। लोगों ने भी अभिभावकों की समस्या को जायज बताया और स्कूल प्रशासन से जल्द से जल्द परिवहन की उचित व्यवस्था करने की मांग की। फिलहाल, स्कूल इंचार्ज ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा, लेकिन अभिभावकों ने स्पष्ट कहा है कि वे दस दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई देखना चाहते हैं, अन्यथा आंदोलन तय है।















