मुजफ्फरनगर में छात्रों का फूटा गुस्सा उज्ज्वल राणा आत्मदाह मामले में कार्रवाई न होने पर मांगा जवाब, 16 नवंबर की शोकसभा में होगा बड़ा निर्णय

मुजफ्फरनगर में उज्ज्वल राणा आत्मदाह मामले को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस द्वारा 48 घंटे का समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर छात्रों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पहुंचकर जवाब मांगा। छात्रों का कहना था कि पुलिस ने जांच और गिरफ्तारी के लिए दो दिन का समय मांगा था, लेकिन तय समय समाप्त होने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की चुप्पी और टालमटोल रवैये से नाराज़ छात्रों ने मौके पर नारेबाजी करते हुए सख्त रुख अपनाया।छात्रों के बुलावे पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों और परिजनों के साथ मिलकर पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा। मलिक ने कहा कि बुढ़ाना में पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से समाप्त किया गया था। लेकिन अब 48 घंटे बीत जाने के बावजूद प्रशासन अपने वादे पर खरा नहीं उतरा है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक छात्र की आत्मदाह जैसी गंभीर घटना के बाद भी प्रशासनिक तंत्र में कोई जागरूकता नहीं दिख रही है।धर्मेंद्र मलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन द्वारा किया गया वादा जनता के लिए आदेश के समान होता है, लेकिन यहां आश्वासन सिर्फ दिखावे के लिए दिया गया लगता है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वल राणा के परिजनों के आंसू पोंछने के बजाय प्रशासन उन्हें और अधिक पीड़ा दे रहा है। वहीं, छात्रों ने भी पुलिस अधीक्षक नगर से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी चाही। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। अधिकारियों ने दो दिन में कार्रवाई पूरी करने का भरोसा दिया।हालांकि छात्रों ने पुलिस के इस बयान से असंतोष जताते हुए कहा कि अब उन्हें झूठे आश्वासनों से बहलाया नहीं जा सकता। उनका कहना था कि यदि दो दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन का रास्ता फिर से अपनाया जाएगा। छात्रों ने साफ कहा कि प्रशासन की लापरवाही उज्ज्वल के साथसाथ समाज के हर जिम्मेदार छात्र के लिए अन्याय के समान है।छात्रों ने निर्णय लिया कि 16 नवंबर को होने वाली उज्ज्वल राणा की शोकसभा में आगामी रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि तब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे और आंदोलन को जिले से लेकर राजधानी तक ले जाएंगे। छात्रों ने कहा कि अब यह सिर्फ न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की भी मांग है।

इस बीच, शहर के सामाजिक संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि उज्ज्वल की आत्मदाह की घटना ने जिले के हर व्यक्ति को झकझोर दिया है और अगर अब भी न्याय नहीं मिला, तो इसका असर प्रशासनिक विश्वसनीयता पर पड़ेगा।

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