मुजफ्फरनगर। माउंट लिटेरा ज़ी स्कूल, मुजफ्फरनगर ने मानवता और सहयोग की मिसाल पेश करते हुए ‘गूंज दान शिविर’ का शुभारंभ किया। इस दान शिविर का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाना है। विद्यालय ने इस आयोजन को केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी नैतिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक बताते हुए समाज को प्रेरणा देने का कार्य किया।कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय की निर्देशिका चारु भारद्वाज, सह निदेशक सुनंद सिंघल एवं प्रधानाचार्य डॉ. के. जी. अरोड़ा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर नगर की कई सम्मानित हस्तियाँ भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इनमें अमित पटपटिया, सुनीता खुराना, बिंदु चौधरी, अंजु गोयल, मिशा अग्रवाल, मीनाक्षी रोहल, वंशिका अग्रवाल, अजय अनेजा और लक्षित शामिल रहे। सभी अतिथियों ने विद्यालय परिवार की इस सराहनीय पहल को सराहा और नगरवासियों को अधिक से अधिक सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।दान शिविर में नगरवासियों का उत्साह देखने लायक रहा। बड़ी संख्या में लोग कपड़े, राशन, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामग्री लेकर पहुँचे और खुले दिल से दान किया। विद्यालय परिवार का कहना था कि इस तरह के प्रयास समाज में करुणा और सहयोग की भावना को जीवित रखते हैं और यह पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी राहत का काम करेंगे।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. के. जी. अरोड़ा ने कहा कि आपदा के समय समाज को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दान की यह छोटी–सी पहल बाढ़ पीड़ितों के लिए आशा की किरण साबित हो सकती है। विद्यालय की निर्देशिका चारु भारद्वाज ने सहयोग देने वाले सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मानवता की सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं होता। उनके अनुसार नगरवासियों का यह योगदान न केवल पीड़ित परिवारों को संबल देगा बल्कि समाज में संवेदनशीलता और सहयोग का संदेश भी फैलाएगा।दान शिविर को लेकर नगरवासियों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने इसे विद्यालय की एक अनोखी पहल बताया जिसने शिक्षा और समाजसेवा को जोड़कर एक नई मिसाल पेश की है। इस प्रयास ने यह साबित किया कि सच्ची शिक्षा वही है जो इंसान को समाज के प्रति उत्तरदायी बनाए। विद्यालय ने यह स्पष्ट किया कि जब शिक्षा के साथ संवेदनशीलता और सेवा–भाव जुड़ जाते हैं तो समाज में करुणा और सहयोग की नई धारा प्रवाहित होती है।माउंट लिटेरा ज़ी स्कूल का यह प्रयास न केवल बाढ़ पीड़ितों के जीवन में नई उम्मीद जगाएगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी यह सीख देगा कि समाज में रहकर उसकी जिम्मेदारी निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। इस दान शिविर ने यह संदेश दिया कि जब समाज एकजुट होकर सहयोग करता है तो किसी भी आपदा और कठिनाई से आसानी से पार पाया जा सकता है।कुल मिलाकर, माउंट लिटेरा ज़ी स्कूल का यह दान शिविर समाज में इंसानियत की सबसे सुंदर तस्वीर बनकर सामने आया है, जो यह दर्शाता है कि मानवता और सहयोग से बढ़कर कोई धर्म नहीं।















