सहारनपुर: जीआईएस सर्वे पर मचा बवाल, महापौर-नगरायुक्त ने दी राहत की बात, टैक्स वसूली से पहले होगा आपत्तियों का निस्तारण

सहारनपुर। नगर निगम की ओर से जीआईएस सर्वे नोटिसों को लेकर उपजे विवाद पर महापौर डॉ. अजय कुमार और नगरायुक्त शिपू गिरि ने शुक्रवार को व्यापारियों और संघर्ष समिति के साथ बैठक कर बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भवन स्वामियों की आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक उनसे कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा। साथ ही यह भी बताया गया कि जिन भवनों का निर्माण अप्रैल 2024 के बाद हुआ है, उन्हें नोटिस नहीं भेजा गया है।

महापौर और नगरायुक्त ने व्यापार मंडल प्रतिनिधियों, उद्यमियों और सर्वदलीय संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर जीआईएस सर्वे के उद्देश्य, प्रक्रिया और विवादित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कर निर्धारण अधिकारी श्रुति महेश्वरी ने बताया कि जीआईएस सर्वे एक सूचना प्रणाली है जिसके माध्यम से संपत्तियों की सही जानकारी जुटाई जाती है, और यदि भवन स्वामी इससे असहमत हैं, तो वे लिखित या वेबसाइट के माध्यम से आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

महापौर ने स्पष्ट किया कि टैक्स दरें डीएम सर्किल रेट पर आधारित नहीं हैं, बल्कि 2023 में नगर निगम बोर्ड द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर ही नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नगर निगम हर साल 10.3% की दर से टैक्स वृद्धि नहीं करता है, तो सरकार से मिलने वाली ग्रांट रुक सकती है जिससे शहर के विकास पर असर पड़ेगा।

बैठक में व्यापारियों ने सर्वे में खामियों की ओर इशारा करते हुए जीआईएस सर्वे को समाप्त कर पूर्व की तरह सेल्फ एसेसमेंट प्रणाली से कर निर्धारण की मांग की। व्यापारी नेता विवेक मनोचा, सुरेंद्र मोहन चावला, नरेश धीमान, शैलेंद्र भूषण गुप्ता और पूर्व पार्षद पुनीत चौहान ने बोर्ड बैठक बुलाकर जीआईएस सर्वे को रद्द करने की मांग की।

कॉलेजों पर टैक्स वृद्धि का मामला भी उठाया गया, जिस पर महापौर ने स्पष्ट किया कि सरकार से सहायता प्राप्त कॉलेजों को केवल जल व सीवर कर देना होगा, लेकिन यदि उनके भवनों में दुकानें हैं तो वह टैक्स के दायरे में आएंगी।

संघर्ष समिति के जयनाथ शर्मा, शिव गौड़, महेंद्र तनेजा और यश मैनी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने विभिन्न बिंदुओं पर जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, जिनका समाधान महापौर और नगरायुक्त ने तत्परता से किया। व्यापारियों ने प्रवर्तन दल और व्यापारी के बीच हुए विवाद की जांच रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक करने की भी मांग की। बैठक में पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल, पार्षद व व्यापारी प्रतिनिधि और अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

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