बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में नवीन सभागार, पुलिस लाइन में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, घायलों की त्वरित सहायता और गुणवत्तापूर्ण विवेचना को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज की अध्यक्षता में हुई इस कार्यशाला में क्षेत्राधिकारी यातायात, चिकित्सा अधिकारी, बीमा कंपनियों के अधिवक्ता, सभी थानों के विवेचक और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हुए। कार्यशाला में गोल्डन ऑवर के दौरान घायलों को एम्बुलेंस सेवा 108 व डायल 112 से तुरंत अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया गया। दुर्घटना की सूचना देने वालों को “गुड समेरिटन सर्टिफिकेट” से सम्मानित करने और उन्हें परेशान न करने के निर्देश दिए गए। विवेचकों को IRAD पोर्टल और पट.क. पोर्टल पर दुर्घटना की जानकारी अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई गई। एफआईआर की प्रति पीड़ित, न्यायालय और बीमा कंपनी को 48 घंटे में भेजना अनिवार्य बताया गया। साथ ही, 60 दिनों में विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट न्यायालय में भेजने और 90 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट डॉ.बी.सी.सी. को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला में हिट एंड रन मामलों में मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी समझाई गई।















