कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने को लेकर सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र सरकार के पास कोई ठोस योजना है या फिर सिर्फ चुनावी समय पर वादे किए जा रहे हैं? रमेश ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद यह दावा किया गया था कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन पांच साल बीतने के बावजूद यह वादा अधूरा है। कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा कि क्या सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बहाल करने में दिलचस्पी रखती है या फिर केवल लेफ्टिनेंट गवर्नर शासन के तहत ही इसे चलाना चाहती है।
जयराम रमेश ने कहा कि सरकार हर बार चुनाव के समय यह कहती है कि उचित समय पर राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा, लेकिन वह उचित समय कब आएगा, इसका जवाब कोई नहीं देता। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं, जैसा कि सरकार दावा करती है, तो अब तक विधानसभा चुनाव क्यों नहीं कराए गए? रमेश के सवाल ऐसे समय में आए हैं जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां फिर से तेज हो रही हैं और राज्य की अलग-अलग पार्टियां जल्द चुनाव और पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग कर रही हैं। उधर, केंद्र सरकार का कहना है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा उचित समय पर दिया जाएगा, लेकिन इस पर कोई ठोस समयसीमा तय नहीं की गई है। अमित शाह की ओर से अभी तक जयराम रमेश के इन सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा फिर से गरमाने लगा है और आने वाले समय में इस पर और राजनीतिक बहस होने की संभावना है।















