मुजफ्फरनगर जिले के किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे फसल अवशेष जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए आगामी रबी सीजन में पराली न जलाने की प्रतिबद्धता को बनाए रखें। इसके लिए जिले में कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ सुपर एसएमएस, स्ट्रा रीपर, बेलर, पैडी स्ट्रा चॉपर जैसे उपकरणों का उपयोग अनिवार्य किया गया है, ताकि फसल अवशेष का उचित प्रबंधन किया जा सके। इसके अलावा, जो किसान सीधे बुवाई के लिए जीरो ट्रिल सीड ड्रिल या डिकम्पोजर का उपयोग करना चाहते हैं, उन्हें संबंधित अधिकारी से घोषणा पत्र देना होगा कि वे पराली नहीं जलाएंगे। अगर कोई किसान नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा, जो सैटेलाइट मॉनिटरिंग द्वारा ट्रैक किया जाएगा। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे पराली को मिट्टी में मिलाकर या गौशालाओं को दान करके इसे जैविक खाद में परिवर्तित करें।















