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शाहपुर। कस्बे में एक झोलाछाप महिला चिकित्सक के क्लिनिक पर एक महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत पर परिजनों ने जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया। परिजनों ने चिकित्सक के विरुद्ध तहरीर दी है। गांव उमरपुर निवासी रवि ने बताया कि बृहस्पतिवार को उसकी पत्नी 27 वर्षीय मोनिका को प्रसव पीड़ा हुई तो उसने गांव की आशा कार्यकत्री से संपर्क किया ।
उसने आरोप लगाया कि आशा कार्यकत्री ने उसकी पत्नी को कस्बे के स्टार पॉलीक्लिनिक में भर्ती करा दिया । जहां मौजूद महिला चिकित्सक ने उसे बताया कि उसकी पत्नी की हालात खराब है वह 60 हजार रूपये जमा करा दे । उसने सात हजार रूपये जमा करा दिए । उसने बताया कि देर रात करीब उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया तब तक उसकी पत्नी की हालात ठीक थी किंतु थोड़ी देर बाद उसकी पत्नी की हालत बिगड़ने लगी तो उसने महिला चिकित्सक से कहा कि वह उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने को कहा जिस पर चिकित्सक ने कहा कि उसकी पत्नी की हालत नॉर्मल है । किंतु उसकी पत्नी की ओर बिगड़ गई तथा कुछ ही घण्टो के बाद उसने दम तोड़ दिया । उसने बताया कि उसकी पत्नी की मौत चिकित्सक की लापरवाही के कारण हुई है । उसने पत्नी की मौत की सूचना अन्य परिजनों को दी । जिसके बाद परिजन व ग्रामीण क्लीनिक पर पहुंच गए । बाद में परिजनों व ग्रामीणों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घण्टो हंगामा किया तथा उन्होंने क्लीनिक संचालक व महिला चिकित्सक की गिरफ्तारी की मांग की । हंगामे के दौरान परिजनों व ग्रामीणों ने क्लीनिक में तोड़फोड़ करने व मृतका के शव को सड़क के बीच में रखकर जाम लगाने का प्रयास किया । पुलिस ने परिजनों व ग्रामीणों को समझा बूझकर शांत किया । किंतु परिजन व ग्रामीण क्लीनिक संचालक व महिला चिकित्सक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए तथा उन्होंने क्लीनिक को सील करने की भी मांग की । बाद में नायब तहसीलदार अमन कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को अस्पताल संचालक व महिला चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया । इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्लिनिक पर सील लगा दी । इसके बाद इसके बाद परिजन व ग्रामीणों संतुष्ट हुए । पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम हेतु भिजवा दिया । पीड़ित ने तहरीर देकर कार्यवाही करने की मांग की है। शाहपुर।क्षेत्र में झोला छाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ हैं।ये झोला छाप डॉक्टर आशा कार्यकत्रियों को मोटे कमीशन का लालच देकर ग्रामीण क्षेत्र से मरीजों को अपने यहां भर्ती कराकर उन्हें गंभीर बीमारी का डर दिखाकर भोले भाले ग्रामीणों से मोटी रकम ऐंठते रहते हैं। क्षेत्र में बिना डिग्री धारी द्वारा संचालित एक्सरे हो या अल्ट्रासाउंड या पैथोलॉजी की लेब सब मोटी कमीशन बाजी के चलते रोजाना हजारों रुपए इकठ्ठा करते हैं ।कस्बावासियों व क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई झोला छाप चिकित्सको ने तो कुछ सालों की प्रैक्टिस में ही बड़ी बड़ी बिल्डिंग बनाकर अपार धन सम्पदा के मालिक बन गए हैं ।प्रशासन को इस पर गंभीरता से लेते हुए कोई कदम उठाना होगा।वरना जनता यो ही आर्थिक हानि उठाते हुए अपनी जान गंवाती रहेगी।
















