मुजफ्फरनगर। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज के सभागार में “भारत में सुरक्षित और किफायती पेयजल आपूर्ति के लिए सतत विकास व्यवसाय सत्यापन सर्वेक्षण एवं UV-CCCL तकनीक” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जापान की स्टैनली इलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन लिमिटेड एवं OEC कंपनी के उच्च अधिकारियों सहित नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह मुख्य अतिथि रही।
सेमिनार में अल्ट्रावायलेट किरणों और कैटलिटिक कार्बन लेयर आधारित नवीन जल-शुद्धिकरण तकनीक प्रस्तुत की गई, जो बिना रसायन के पानी को शुद्ध करती है तथा ऊर्जा व रखरखाव की लागत भी कम रखती है। यह तकनीक ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बताई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एस. सी. कुलश्रेष्ठ, डॉ. प्रज्ञा सिंह, तशुयुकी इवासाकी (स्टैनली इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन, जापान) एवं हिरोशी यामानुची (OEC जापान) सहित विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
डॉ. कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जल शोधन हेतु तकनीक के माध्यम से 98% तक पानी शुद्ध किया जा सकता है, और सिंचाई के लिए भी यह अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि पाँच वर्ष पूर्व JICA द्वारा कॉलेज परिसर में अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र लगाया गया था, तथा लगभग 3.5 करोड़ रुपए का ऋण भी उपलब्ध कराया गया था।
डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कहा कि मुजफ्फरनगर सहित देश के कई हिस्सों में सुरक्षित व किफायती पेयजल चुनौती है। उन्होंने नगरपालिका की ओर से इस तकनीक के क्रियान्वयन हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
OEC जापान के अधिकारी हिरोशी यामानुची ने बताया कि यह तकनीक महाराष्ट्र एवं पंजाब के रामपुर गांव में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है और अब इसे मुजफ्फरनगर में भी स्थापित करने की योजना है।
विशेषज्ञों ने जल संकट, जल गुणवत्ता व प्रौद्योगिकी पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों ने शोधपत्र भी प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीतू पुंडीर एवं हुरैन खान ने किया तथा सेमिनार का समन्वयन डॉ. बुशरा अकील ने किया। अंत में अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
















