बांदा। जनगणना के दूसरे भाग को सफल बनाने के लिए डीएम अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समिति की बैठक हुई। इसमें समय सारणी, प्रशिक्षण, स्वगणना, प्रचार प्रसार, निगरानी और भ्रामक समाचारों पर रोक को लेकर चर्चा हुई। सभी अधिकारियों को समय पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश का सबसे बड़ा कार्य है। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कोई भी परिवार, व्यक्ति व क्षेत्र छूटना नहीं चाहिए। बैठक में बताया गया कि स्वगणना सोलह नवम्बर से तीस नवम्बर दो हजार छब्बीस तक चलेगी। इसमें लोग स्वयं अपनी गणना कर सकेंगे। इसके लिए जनगणना के जालपृष्ठ की सहायता ली जाएगी। इसके बाद प्रगणकों द्वारा घर घर जाकर जनसंख्या गणना एक दिसम्बर दो हजार छब्बीस से चार जनवरी दो हजार सत्ताईस तक की जाएगी। क्षेत्र कार्य का पुनरीक्षण पांच जनवरी से नौ जनवरी दो हजार सत्ताईस तक होगा। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का तीन दिवसीय गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।अनुपस्थित कर्मियों का प्रशिक्षण चौदह नवम्बर के पूर्व हर हाल में पूर्ण कराया जाए। प्रशिक्षण में ही नियुक्ति पत्र, कर्तव्य आदेश, गृह सूची, नजरी नक्शा एवं प्रशिक्षण पुस्तिका दी जाएगी। प्रगणक व पर्यवेक्षक की क्षेत्र में सोलह नवम्बर से तैनाती होगी।राजस्व लेखपाल के माध्यम से गणना खण्ड की सीमाओं की स्पष्ट पहचान कराई जाएगी।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रगणक जनगणना के दौरान किसी व्यक्ति से उसके कागजात की छायाप्रति नहीं लेगा। प्रगणक केवल प्रश्न पूछेगा और उत्तर लिखेगा। कोई भी परिवार जनगणना से वंचित नहीं रहेगा। प्रचार के लिए हर ग्राम में पंचायत सहायक के माध्यम से जनगणना सहायता केंद्र गठित किया जाएगा। तहसील, विकास खण्ड, चिकित्सालय, कार्यालयों, कार्यक्रमों और मेलों में प्रचार पट लगाए जाएंगे। विद्यालयों, महाविद्यालयों में कार्यशाला आयोजित की जाएगी। जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधान एवं नगरीय निकायों के अध्यक्षों के माध्यम से आह्वान जारी कराया जाएगा। सोलह नवम्बर से तीस नवम्बर तक पंद्रह दिन में अधिकांश लोगों की स्वगणना पूर्ण कराने का लक्ष्य है। स्वगणना के बाद पहचान संख्या नोट कराई जाएगी। सभी सरकारी सेवकों की शत प्रतिशत स्वगणना करानी होगी। द्वितीय भाग के चालीस प्रश्नों के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी। निगरानी के लिए प्रत्येक गणना खण्ड की प्रगति की समीक्षा होगी। लापरवाही करने वालों पर कार्यवाही होगी। नियंत्रण कक्ष व जनगणना प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। जनगणना की गोपनीयता एवं आंकड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। भ्रामक तथ्यों का खण्डन कर सही सूचना लोगों तक पहुँचाई जाएगी।















