बाँदा। जनपद के मटौंध थाना क्षेत्र अंतर्गत देर रात से गायब एक किशोरी ने बुधवार सुबह पूरे जिले की नींद उड़ा दी। घर से नाराज होकर वो सीधे मौत के मुंह में जा बैठी केन नदी किनारे खड़े विशाल हाईटेंशन ट्रांसमिशन टावर की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ कर बैठ गई। खबर आग की तरह फैली तो नदी किनारे जनसैलाब उमड़ पड़ा। पुलिस भागी, परिजन भागे, गांव भागा। सबकी नजरें एक ही जगह टिकी थीं – ऊपर टावर पर बैठी जिंदगी पर। नीचे खड़ी मां की चीखें, पिता की आंखों के आंसू और भीड़ की प्रार्थनाएं माहौल ऐसा कि रूह कांप जाए। 3 नवंबर को किशोरी के लापता होने की सूचना पर मटौंध पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 2 टीमें लगा दी थीं। रातभर गलियों, खेतों, रिश्तेदारों के यहां तलाश होती रही, लेकिन सुबह जो खबर आई उसने सबके होश उड़ा दिए।लड़की तो 100 फुट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ी बैठी थी। जहां एक तरफ करंट का खौफ, दूसरी तरफ गिरने का डर, एक गलत कदम और सब खत्म। सूचना पर पुलिस ने मोर्चा संभाला। नीचे से लगातार आवाज लगाई जा रही थी बेटी नीचे आ जाओ, सब ठीक हो जाएगा।
परिजन हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे। घंटों तक यही ड्रामा चलता रहा। पुलिस भी डर रही थी कि कहीं जोर से आवाज देने पर वो घबरा न जाए। इसलिए हर शब्द फूंक-फूंक कर बोला जा रहा था। आखिरकार पुलिस के धैर्य और समझदारी ने बाजी मार ली। किशोरी का मन पिघला और घंटों की जद्दोजहद के बाद उसे सकुशल नीचे उतार लिया गया। नीचे उतरते ही मां ने बेटी को सीने से लगा लिया, पूरा इलाका रो पड़ा।क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सिंह ने बताया कि किशोरी को टावर से सकुशल उतारा गया है। परिजनों से किसी बात को लेकर नाराज हो गई थी और गुस्से में घर से निकल गई थी पुलिस टीम द्वारा समझा कर परिजनों के साथ भेजा गया है और भविष्य में ऐसा कार्य दुबारा न करे उसको समझाया गया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।















