एसडी इंटर कॉलेज से हुआ कृमि मुक्ति अभियान का शुभारंभ

मुजफ्फरनगर में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सोमवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी, अर्ध सरकारी और निजी विद्यालयों में बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाव के लिए दवा खिलाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ एसडी इंटर कॉलेज, निकट रोडवेज बस स्टैंड में नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने बच्चों को अपने हाथों से दवा खिलाकर किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे साल में दो बार पेट के कीड़ों की दवा अवश्य लें, ताकि स्वास्थ्य पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़े।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस वर्ष में दो बार मनाया जाता है। इस वर्ष का पहला आयोजन फरवरी माह में किया गया था, जबकि दूसरा आयोजन आज हो रहा है। इसके तहत एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि मुक्ति के लिए दवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस बार जनपद में कुल 15,38,412 बच्चों को पेट के कीड़ों की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विक्रांत तेवतिया, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय शाही, यूनिसेफ की डीएमसी तरन्नुम, अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर प्रवीण कुमार, विद्यालय के शिक्षक और अन्य स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. गीतांजलि वर्मा ने किया।

अधिकारियों ने बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों में कुपोषण, एनीमिया और पढ़ाई में कमजोरी जैसी समस्याएं पैदा करता है। समय-समय पर कृमि मुक्ति की दवा लेने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उनकी पढ़ाई व शारीरिक विकास पर सकारात्मक असर पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में टीमों को भेजकर सुनिश्चित किया कि कोई भी बच्चा दवा खाने से वंचित न रहे। साथ ही, अनुपस्थित बच्चों के लिए अगले कुछ दिनों तक मॉप-अप अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया जा सके।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा अवश्य दिलवाएं और उन्हें स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करें। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही देश का भविष्य है और इस दिशा में ऐसे अभियानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

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