राजगढ़ (अलवर) में लुपिन ह्यूमन वेलफेयर एंड रिसर्च फाउंडेशन, अलवर के तत्वावधान में एक मैरिज होम में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पंचायत समिति प्रधान भौरी देवी रहीं, जिन्होंने संस्था द्वारा आजीविका विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं की सराहना की। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में समानता का दर्जा प्राप्त करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम प्रभारी राजेश कुमार ने संस्था द्वारा संचालित आजीविका विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को वित्तीय साक्षरता और आत्मनिर्भरता के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि समाज में बेटा-बेटी को समान दर्जा मिलना चाहिए। महिलाओं को आत्मसम्मान पाने के लिए आत्मनिर्भर बनना आवश्यक है, और इसमें पुरुषों की भूमिका भी अहम है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित आशा सुमन ने महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि महिलाएं आत्मरक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं, बस आत्मविश्वास होना जरूरी है। उन्होंने अब तक 25,000 से अधिक बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया है।
ग्राम पंचायत भजेड़ा की सरपंच सीमा मीणा ने महिलाओं के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे स्वरोजगार प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इतना सक्षम बनाना चाहिए कि वे समाज का नाम रोशन कर सकें। देश के प्रशासनिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में महिलाओं का योगदान सराहनीय है। उन्होंने महिलाओं से अपनी बेटियों को शिक्षित करने और दहेज प्रथा का विरोध करने की अपील की।
इस अवसर पर रस्साकशी, म्यूजिकल चेयर और चम्मच दौड़ जैसी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेता महिलाओं को संस्था द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार ने किया।
इस दौरान संस्था के दीपक महाजन, भगवान सहाय, गिर्राज, नरेश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।















