दशहरे का पर्व असत्य पर सत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन नीलकंठ पक्षी को देखना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव ने समुद्र मंथन के समय निकले विष को अपने कंठ में धारण किया था, जिसके कारण उन्हें ‘नीलकंठ’ कहा गया। तभी से नीलकंठ पक्षी को शिव का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और सफलता लाने वाला माना जाता है। इसे आने वाले समय में सभी कार्यों के सिद्ध होने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आने का संकेत भी माना जाता है।















