जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया शुक्रवार सुबह शुरू हो गई है। इन चुनावों के परिणाम प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों दलों ने इन सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कुल सात उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें एनसी और भाजपा के अलावा पीडीपी और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी भी शामिल हैं। चुनाव राज्य विधानसभा के 90 निर्वाचित और 5 नामित विधायकों द्वारा डाले जा रहे वोटों से तय होगा।
राज्यसभा की इन सीटों का गणित जटिल माना जा रहा है क्योंकि एनसी और भाजपा दोनों के पास मजबूत जनाधार है। भाजपा इस बार घाटी में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतरी है, जबकि एनसी ने पुराने जनसंपर्क और गठबंधन समीकरणों पर भरोसा जताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियां एकजुट रहीं तो दो सीटों पर जीत की संभावना मजबूत है, वहीं एनसी भी दो सीटों पर दावा ठोक रही है।
राज्यसभा चुनाव के नतीजे केवल सीटों की संख्या तय नहीं करेंगे, बल्कि यह भी संकेत देंगे कि जम्मू-कश्मीर की राजनीति में कौन-सी ताकतें भविष्य में बढ़त बनाएंगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। परिणामों की घोषणा आज देर शाम या कल सुबह तक होने की संभावना है, जिससे यह साफ हो जाएगा कि ऊपरी सदन में जम्मू-कश्मीर की आवाज कौन बुलंद करेगा।















