अलवर: शहर में पेयजल संकट को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज स्थानीय निवासियों ने मिनी सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के गेट के सामने धरना दिया, कुछ लोग विरोध स्वरूप जमीन पर भी लेट गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि उनके वार्ड में बोरिंग करवाई जाए ताकि पानी की समस्या का समाधान हो सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे करीब छह बार इस समस्या को लेकर अधिकारियों के पास जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। क्षेत्र की महिला निवासी सुनीता ने बताया कि पानी की समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। पहले आधे घंटे के लिए पानी आता था, अब वह भी बंद हो गया है।
स्थानीय निवासी राधेश्याम ने बताया कि उनके वार्ड में 1300 घर हैं और उनके तीन वार्ड—20, 21 और 26—में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी इस समस्या की अनदेखी कर रहे हैं, यहां तक कि फोन तक नहीं उठाते।
इसी मामले में स्थानीय व्यक्ति नेतराम ने बताया कि उनके वार्ड में कई समस्याएं हैं, लेकिन बोरिंग की समस्या सबसे गंभीर है। जलदाय विभाग को कई बार शिकायत दी गई, फिर भी कोई समाधान नहीं निकला। आज एक बार फिर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उन्होंने इस समस्या के समाधान की मांग की है।















