उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के बैनर तले पुण्य स्मृति में शुक्रताल स्थित श्री राम आश्रम में आयोजित

भास्कर न्यूज़ उत्तर प्रदेश उत्तराखंड

मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के बैनर तले श्रदेय कबूल सिंह, पूर्व प्रांतीय संरक्षक की पुण्य स्मृति में शुक्रताल स्थित श्री राम आश्रम में आयोजित प्रांतीय ग्रीष्मकालीन चिंतन शिविर के दूसरे दिन,प्रथम सत्र में शिक्षकों की सेवा शर्तों, शिक्षा का निजीकरण तथा शिक्षा के संदर्भ में सरकार की षड्यंत्रकारी नितियों के साथ-साथ शिक्षा में व्याप्त विसंगतियों पर गहन मंथन किया गया। आज के कार्यक्रम के अध्यक्ष जगदीश पाण्डेय, ठकुराई ने कहा कि पूरी शिक्षा व्यवस्था बाजार के हवाले है। वर्तमान सरकार उन्हीं नितियों की पोषक है, जो पूंजीवादी व्यवस्था को बढ़ावा देती है। विषय परिवर्तन के बाद संगठन के पदाधिकारी डी. एन. यादव ने विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जैसे-जैसे शिक्षा का बाजारीकरण, व्यावसायीकरण बढ़ेगा वैसे वैसे शिक्षकों की सेवा शर्त कमजोर होती जायेगी या सरकार द्वारा समाप्त कर दी जायेगी। इस अवसर पर प्रांतीय संरक्षक रमेश चन्द सिंह ने संगठन का इतिहास बताते हुए कहा कि आज तक शिक्षकों को जितनी भी उपलब्धिया अर्जित हूई हैं और हमारे अस्तित्व के लिए तमाम नियमों व अधिनियमों की सुरक्षा मिली है वह, हमारे बुजुर्ग शिक्षक नेताओं के नेतृत्व में सामूहिक संघर्षो के बल पर प्राप्त हुयी है। महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान में शिक्षा के व्यापारी, नौकरशाह और सत्ताधारी दलों के नेताओं के गठजोड ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। आज की स्तिथि में शिक्षा के व्यापारी व सरकार चलाने वाले नीति निर्धारक एक दूसरे के पूरक हैं, इसी कारण से शिक्षकों की सेवा शर्तें कमजोर हो रही हैं। शिविर के मुख्य संयोजक डा० उमेश त्यागी ने कहा कि यदि चयन बोर्ड व अन्य आधिनियमों की सेवा सुरक्षा बचाना चाहते हो तो शिक्षक संघर्षो की पुनरावृत्ति करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इस मौके पर मुख्य रूप से महावीर प्रसाद व्यागी, विनोद यादव, प्रमोद श्रीवास्तव, राकेश सिंह सहित विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखें।

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