मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सशक्त बनाने के लिए संचालित मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत जनपद मुजफ्फरनगर में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक अपराध तथा नोडल अधिकारी मिशन शक्ति इन्दु सिद्धार्थ संयुक्त रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने सेंटर की कार्यप्रणाली, सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने महिला हेल्पलाइन सेवाओं, परामर्श व्यवस्था, चिकित्सीय सहायता, विधिक परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहयोग और अस्थायी आश्रय की सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित स्टाफ से विस्तृत बातचीत कर यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक पीड़िता को त्वरित, सुरक्षित और संवेदनशील सहायता मिले। अधिकारियों ने यह भी देखा कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है।
अधिकारियों ने सखी सेंटर की रजिस्टर प्रविष्टियों, शिकायत निस्तारण अभिलेखों और परामर्श कक्षों का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर प्रभारी को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत के समाधान में लापरवाही या देरी न हो। प्रत्येक पीड़िता की बात को गंभीरता से सुना जाए और उसे कानूनन उचित सहायता समयबद्ध तरीके से प्रदान की जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सेंटर में आने वाली महिलाओं को गोपनीयता और सम्मान के साथ सेवाएं दी जानी चाहिए ताकि वे बिना भय या झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
महिला परामर्शदाताओं और अन्य कर्मियों से बातचीत करते हुए अधिकारियों ने मिशन शक्ति के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि यह केंद्र महिलाओं के लिए एक सशक्त मंच है, जहां उन्हें न्याय, सम्मान और सुरक्षा की भावना के साथ हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता प्रशासन और पुलिस दोनों की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सखी वन स्टॉप सेंटर इसी दिशा में एक सशक्त कदम है।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के केंद्र न केवल महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान करते हैं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिकारियों ने सखी सेंटर के समुचित रखरखाव, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और बेहतर समन्वय के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस निरीक्षण का उद्देश्य मिशन शक्ति 5.0 के लक्ष्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना और यह सुनिश्चित करना था कि हर महिला को सुरक्षा, सम्मान और न्याय की गारंटी मिल सके। अधिकारियों ने यह भी कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग का दायित्व है कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ आगे आए।















