अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया विवादित दावा करते हुए कहा है कि उन्होंने 9/11 आतंकी हमले से एक साल पहले ही ओसामा बिन लादेन के खतरे को लेकर अमेरिकी प्रशासन को चेतावनी दी थी। ट्रंप के अनुसार, उन्होंने 2000 में ही लादेन के बढ़ते आतंकवादी नेटवर्क के बारे में आगाह किया था, लेकिन उस समय सरकार ने उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर उस वक्त उनकी बातों पर ध्यान दिया गया होता तो 11 सितंबर 2001 को हुए हमले को रोका जा सकता था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि उन्होंने अपने एक लेख और सार्वजनिक भाषणों में अल-कायदा की गतिविधियों का जिक्र किया था और स्पष्ट किया था कि लादेन अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां उस समय ढीली पड़ी थीं और उनकी चेतावनी को “गंभीरता से न लेना” एक ऐतिहासिक भूल साबित हुई। ट्रंप ने यह भी कहा कि बाद में जब उन्होंने राष्ट्रपति पद संभाला, तो उन्होंने अमेरिकी सेना को मजबूत किया और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए।
हालांकि, ट्रंप के इस दावे पर कई राजनीतिक विश्लेषकों और पूर्व अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 9/11 से पहले ट्रंप किसी सरकारी सुरक्षा या खुफिया एजेंसी से जुड़े नहीं थे, इसलिए उनका दावा तथ्यों से मेल नहीं खाता। विशेषज्ञों ने इसे ट्रंप की चुनावी रणनीति बताया है, जिसके तहत वे खुद को “पहले से चेतावनी देने वाला नेता” साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान एक बार फिर अमेरिकी राजनीति में बहस का विषय बन गया है।















