रमजान में उर्दू स्कूलों का समय बदला, कांग्रेस सरकार पर भाजपा ने लगाया तुष्टिकरण का आरोप

कर्नाटक सरकार द्वारा रमजान माह के दौरान उर्दू माध्यम के स्कूलों के समय में बदलाव को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। राज्य सरकार ने आदेश जारी कर उर्दू स्कूलों का संचालन समय सुबह 8 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक निर्धारित किया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला रमजान के दौरान रोजा रखने वाले छात्रों और शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि वे धार्मिक दायित्वों के साथ शिक्षा का संतुलन बना सकें।

हालांकि इस निर्णय पर विपक्षी भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया है कि वह वोट बैंक की राजनीति के तहत एक विशेष समुदाय को प्राथमिकता दे रही है, जबकि हिंदू त्योहारों के दौरान ऐसी कोई रियायत नहीं दी जाती। भाजपा का कहना है कि नवरात्रि, गणेश चतुर्थी, दीपावली जैसे बड़े हिंदू पर्वों के समय स्कूलों के समय में बदलाव या विशेष सुविधाएं नहीं दी जातीं, जिससे यह निर्णय भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है।

भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार धर्म के आधार पर फैसले लेकर समाज को बांटने का काम कर रही है। उनका आरोप है कि यह कदम धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत है और इससे अन्य समुदायों में असंतोष बढ़ सकता है। भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि अगर रमजान के लिए समय बदला जा सकता है तो अन्य धार्मिक त्योहारों के लिए समान नीति क्यों नहीं अपनाई जाती।

वहीं कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह प्रशासनिक और मानवीय आधार पर लिया गया है, न कि किसी राजनीतिक लाभ के लिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रमजान के दौरान उपवास रखने के कारण छात्रों को दिन के उत्तरार्ध में कठिनाई होती है, इसलिए समय में अस्थायी बदलाव किया गया है। यह व्यवस्था केवल रमजान तक सीमित रहेगी और बाद में स्कूल अपने सामान्य समय पर लौट आएंगे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में पहले भी विभिन्न परिस्थितियों में स्कूलों के समय में बदलाव किए जाते रहे हैं, जैसे गर्मी के मौसम या विशेष स्थानीय जरूरतों के अनुसार। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा इस मुद्दे को बेवजह राजनीतिक रंग देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।

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