अलवर जिले के सावडी गांव में तीन हरे-भरे पीपल के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। इस संबंध में अलवर के एसडीएम प्रतीक जुईकर ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्रीय पटवारी और तहसीलदार की मिलीभगत से पेड़ों की कटाई हो रही है। उनका कहना है कि शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती और उनकी आवाज दबा दी जाती है। इन पेड़ों को खेत मालिकों ने बुर्जा के एक आरा मशीन संचालक को बेचा था।
इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली और पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े किए हैं। सरकार जहां एक ओर बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने की योजनाओं का प्रचार करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं स्वार्थी लोगों की पर्यावरण के प्रति लापरवाही को उजागर करती हैं।
एसडीएम प्रतीक जुईकर ने कहा, “मुझे सूचना मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” इस घटना के बाद प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर स्थानीय निवासियों की नजरें टिकी हैं।















