बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त से अंतरिम सरकार चला रहे मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार अब अपने अंतिम चरण में है। यूनुस ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार भारत के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और कुछ विवादास्पद नीतियों को आगे बढ़ाने की कोशिश की, जिससे भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास आई। उनके नेतृत्व में सरकार ने कई ऐसे बयान और कदम उठाए, जिन्हें भारत विरोधी माना गया।
हालांकि, अब इस सरकार के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण के बाद अगले 15 दिनों के भीतर बांग्लादेश को लेकर बड़ा फैसला होने की संभावना जताई जा रही है। इस फैसले से न केवल बांग्लादेश की वर्तमान सरकार की स्थिति पर असर पड़ेगा, बल्कि देश की राजनीतिक दिशा भी बदल सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद, दक्षिण एशिया में अमेरिका की रणनीति में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। बांग्लादेश जैसे देशों में लोकतंत्र, मानवाधिकार और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका का ध्यान केंद्रित हो सकता है। यूनुस सरकार को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और बांग्लादेश के भीतर बढ़ती असंतोष की स्थिति को देखते हुए, यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में देश में बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
यूनुस सरकार के पास अब समय सीमित है, और उनके नेतृत्व में बांग्लादेश का भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है। ट्रंप प्रशासन के शुरुआती फैसले यह तय करेंगे कि बांग्लादेश में स्थिरता और लोकतंत्र की बहाली के लिए कौन से कदम उठाए जाएंगे। ऐसे में आने वाले कुछ सप्ताह न केवल बांग्लादेश की राजनीति, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।















