विद्यालय में बड़े हर्षोल्लाह के साथ मनाया गया बैसाखी का पर्व।

भास्कर न्यूज़ उत्तर प्रदेश उत्तराखंड।

मुज़फ्फरनगर। ‘शारदेन विद्यालय में बड़े हर्षोल्लाह के साथ मनाया गया बैसाखी का पर्व, शुक्रवार को शारदेन विद्यालय के प्रांगण में बैसाखी का पर्व बड़े हर्षोल्लाह के साथ मनाया गया, जिसमें विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अनेक गतिविधियां आयोजित की गई जिन्होंने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया| सर्वप्रथम बैसाखी के महत्व को बताते हुए एक विद्यार्थी के द्वारा भाषण प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात बैसाखी के उपलक्ष्य में स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों के द्वारा कविता सुनाई गई तथा कक्षा 6 व कक्षा 1 के विद्यार्थियों के द्वारा बहुत सुंदर भांगड़ा नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसी श्रृंखला में विद्यालय में अनेक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया जिसमें स्लोगन राइटिंग, कविता लेखन आदि को सम्मिलित किया गया था इन प्रतियोगिताओं में भी सभी बच्चों ने बहुत सुंदर प्रस्तुतिकरण दिया| इसके पश्चात विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती धारा रतन जी ने सभी विद्यार्थियों को बैसाखी के महत्व के विषय में समझाते हुए कहा कि बैसाखी का त्योहार वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसे बैसाखी या वैसाखी के नाम से भी जाना जाता है,हर साल बैसाखी का त्योहार 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है|इस त्यौहार को पंजाब और हरियाणा में काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है,बैसाखी के कई अलग-अलग नाम भी है जैसे असम में बिहू, बंगाल में नबा वर्षा,केरल में पूरम विशू कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन सिख पंथ के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना भी की थी तभी से बैसाखी का त्यौहार मनाया जाता है| इस दिन से सिखों के नए साल की शुरुआत होती है। अंत में उन्होंने सभी को बैसाखी के पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी सभी विद्यार्थियों के प्रस्तुतीकरण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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