मुजफ्फरनगर में आगामी 21 अगस्त से 08 सितम्बर तक आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैली को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस रैली की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सेना के अधिकारियों के साथ–साथ जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भर्ती रैली की रूपरेखा, तैयारियों और अभ्यर्थियों के आगमन को लेकर आवश्यक दिशा–निर्देश जारी किए गए।अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन चौधरी चरण सिंह स्टेडियम, मुजफ्फरनगर में किया जाएगा। यह रैली उत्तर प्रदेश के 13 जनपदों के अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ और बुलंदशहर के युवा शामिल होंगे। अनुमान है कि इस रैली में कुल 17 हजार अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे, जिनमें प्रतिदिन लगभग 1200 युवा भर्ती प्रक्रिया में भाग लेंगे।सेना की ओर से उपस्थित भर्ती अधिकारी कर्नल सत्यजीत बेबले ने अधिकारियों को रैली के संचालन और आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी को देखते हुए सभी विभागों को पूरी तत्परता से कार्य करना होगा, ताकि कोई अव्यवस्था न हो।बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल, साफ–सफाई, बैरिकेटिंग, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, एम्बुलेंस, चिकित्सकीय सुविधा जैसी सभी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति समय से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बाहरी जनपदों से आने वाले अभ्यर्थियों के ठहराव की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा परिवहन विभाग को पर्याप्त संख्या में बसों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया, ताकि अभ्यर्थियों को यात्रा में कोई कठिनाई न हो। अग्निशमन विभाग को भी रैली स्थल पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया।बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ–साथ पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि यह रैली जिले की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।प्रशासन और सेना के बीच बेहतर समन्वय से यह सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है कि रैली का आयोजन सफल, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।















