मुजफ्फरनगर जिला पंचायत सभागार में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा करना तथा लापरवाह विभागों को चेतावनी देना था।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी विभागों को आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत–नगरीय, पीडी डीआरडीए, तहसीलदार जानसठ व बुढ़ाना, अधिशासी अभियंता लो.नि.वि. प्रांतीय खंड, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, जिला कमांडेंट होमगार्ड, उपनिदेशक मंडी, खंड विकास अधिकारी मोरना, उप जिलाधिकारी सदर, अधिशासी अभियंता सिंचाई, तहसीलदार खतौली, तहसीलदार बुढ़ाना, तहसीलदार सदर, उपजिलाधिकारी खतौली और सदर, जिला कृषि अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए।जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि कोई भी शिकायत डिफॉल्टर की श्रेणी में न आने पाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई शिकायत लंबित रहती है तो संबंधित अधिकारी से जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निस्तारण इस प्रकार से किया जाए जिससे शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट हो और उसे किसी प्रकार की पुनः शिकायत करने की आवश्यकता न पड़े।उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी भी विभाग द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती जाती है तो उस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिए कि वे लगातार विभागीय कार्यों की निगरानी करें और यदि किसी भी विभाग द्वारा शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही की जाती है तो उस पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक न केवल जन समस्याओं के प्रति प्रशासन की सजगता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस प्रकार की बैठकें प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती देती हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस समीक्षा के बाद जिले में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण और अधिक प्रभावी और तेज़ी से होगा, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी।















