राजस्थान के अलवर स्थित राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन में सफलता के लिए प्रतिभा और व्यावहारिक कौशल का विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सिर्फ डिग्रीधारी लोग नेताओं के चक्कर लगाते हैं, जबकि कुशल और प्रतिभावान व्यक्ति कभी बेरोजगार नहीं रहते।राज्यपाल ने शिक्षा विभाग से आह्वान किया कि वे पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान दें। उन्होंने एलन मस्क का उदाहरण देते हुए कहा कि आज दुनिया को डिग्री नहीं, बल्कि दक्ष इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ चाहिए। उन्होंने वर्तमान शिक्षा प्रणाली में बदलाव की आवश्यकता जताते हुए कहा कि नींव मजबूत हो, इसके लिए प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना होगा।दीक्षांत समारोह में उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने भी छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचार आज भी प्रासंगिक हैं—सपने वो नहीं जो नींद में आएं, बल्कि वो हैं जो आपको सोने न दें। उन्होंने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय में रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाएगी और खाली पद जल्द भरे जाएंगे।समारोह में खास बात यह रही कि अधिकांश गोल्ड मेडल छात्राओं ने हासिल किए, जिससे बेटियों की शैक्षिक प्रगति का स्पष्ट संकेत मिला। राज्यपाल ने इसे समाज के सकारात्मक बदलाव का प्रमाण बताया और कहा कि बेटियों की शिक्षा से पूरे समाज का उत्थान संभव है।















