मुज़फ्फरनगर शहर में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में यह समस्या अब विकराल रूप धारण कर चुकी है। विशेष रूप से प्रेमपुरी, कृष्णापुरी और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों के झुंड खुलेआम गलियों में घूमते नजर आते हैं। आए दिन इन बंदरों द्वारा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमलों की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं, आवारा कुत्तों का आतंक भी कम नहीं है। शहर के विभिन्न इलाकों में कुत्तों के काटने की घटनाएँ आम हो चुकी हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका और प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति पूरी तरह उदासीन दिखाई दे रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा हो। नागरिकों का कहना है कि बंदरों और कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान तुरंत चलाया जाना चाहिए, साथ ही इन क्षेत्रों में नियमित निगरानी और कार्रवाई के लिए टीमों को तैनात किया जाए।
लोगों ने यह भी मांग की है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी सहायता केंद्र और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए जाएँ ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। जनता का कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। शहरवासी उम्मीद जता रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए ठोस कदम उठाएगा, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और शहर में भयमुक्त वातावरण स्थापित हो सके।















