राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों का प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर भी दिखने लगा है। झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में हाल ही में विद्यालय भवन की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ाते हुए समस्त सरकारी भवनों की जांच के निर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, अस्पतालों और अन्य सरकारी भवनों की तकनीकी स्थिति की तुरंत समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य करवाने के आदेश दिए गए हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को अलवर जिले के कठूमर उपखंड में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन की तकनीकी जांच की गई। जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के आदेश एवं उपखंड अधिकारी श्याम सुंदर चेतीवाल के निर्देश पर यह निरीक्षण कार्य किया गया। नोडल केंद्र प्रभारी विराज चौहान के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ दल विद्यालय पहुंचा और प्रधानाचार्या बीना मीणा की उपस्थिति में विद्यालय भवन की छत, दीवारों तथा कक्षों का गहन निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान भवन की ऊपर से नीचे तक सभी संरचनात्मक स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई। इस मौके पर निरीक्षण दल की सदस्य रीना फौजदार ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जहां-जहां भवन जर्जर स्थिति में पाए जा रहे हैं या किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका है, वहां नोटिस चस्पा कर संबंधित स्थानों को सील किया जा रहा है। यह कार्य विशेष रूप से बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय स्टाफ की ओर से व्याख्याताएं प्रीति, अनुराधा और अनीता भी उपस्थित रहीं। निरीक्षण टीम ने भवन से संबंधित सभी जानकारियों को दर्ज करते हुए रिपोर्ट तैयार की, जिसे आगे संबंधित विभागों एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा। कठूमर सहित पूरे उपखंड में यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि छात्रों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह कार्यवाही शासन की संवेदनशीलता और सक्रियता का परिचायक है, जिससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार जनसुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।















