वाराणसी। श्रीकाशी विद्यामठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि-“40 दिनों में ऐसा नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम होंगे।11 मार्च से लखनऊ में संपूर्ण संत समाज का समागम होगा। उस दिन हम मुख्यमंत्री को ‘नकली हिंदू’ घोषित करने को बाध्य होंगे।
कहा कि जो गोवंशी पशुओं की रक्षा नहीं कर सकता, उसे हिंदू कहलाने का नैतिक अधिकार नहीं है।” वह श्रीविद्या मठ में पत्रकारों से बात कर रहे थे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि लगता है गोहत्या बंदी की आवाज जिसने भी उठाई, सरकारों ने उन पर क्रूरता की। 1966 के दिल्ली के गोरक्षा आंदोलन में कांग्रेस सरकार ने गोभक्तों संतों पर गोलियां चलवाईं। हमारा सहयोग कर रहे गोभक्तों पर अत्याचार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इन सबका नेतृत्व योगी आदित्यनाथ अपने विश्वस्त रामभद्राचार्य आदि के माध्यम से कर रहे हैं। हिंदू होना केवल भाषणों या भगवे तक सीमित नहीं, इसकी कसौटी गोसेवा और धर्म-रक्षा है। माघ मेला में हुए विवाद पर कहा कि अगले साल बेहतर सुविधाओं का प्रलोभन प्रशासन ने दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया।















