मुजफ्फरनगर के ब्लॉक सदर और खतौली क्षेत्र अंतर्गत संचालित 13 परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुजफ्फरनगर द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षकों की मौजूदगी, शैक्षिक गुणवत्ता, भौतिक संसाधन तथा मध्याह्न भोजन व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया। अधिकांश विद्यालयों में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और बच्चों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत अच्छी रही।
प्राथमिक विद्यालय सिलाजुड्डी में 98 नामांकित छात्रों के सापेक्ष 85 बच्चे उपस्थित मिले, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय सिलाजुड्डी में 37 में से 28 छात्र उपस्थित पाए गए। उच्च प्राथमिक विद्यालय बहादरपुर में 331 में से 265 बच्चे उपस्थित रहे, हालांकि यहां तीन शिक्षिकाएं विभिन्न अवकाश पर पाई गईं। प्राथमिक विद्यालय खेड़ी वीरान में 162 में से 130 तथा बिहारी-2 में 68 में से 56 छात्र उपस्थित मिले, जहां एक शिक्षिका अवकाश पर और एक शिक्षा मित्र अनुपस्थित मिलीं। बिहारी-1 में 62 में से 52 छात्र उपस्थित पाए गए।खतौली क्षेत्र के विद्यालयों में भी उपस्थिति संतोषजनक रही। उच्च प्राथमिक विद्यालय फहीमपुर कला में 74 में से 68 छात्र उपस्थित मिले, जबकि प्राथमिक विद्यालय मुनव्वरपुर कलां में 35 में से 19 छात्र ही उपस्थित पाए गए, जिस पर अधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उच्च प्राथमिक विद्यालय मंसूरपुर में 373 में से 289 छात्र उपस्थित रहे, हालांकि तीन शिक्षक विभिन्न प्रकार के अवकाश पर मिले। प्राथमिक विद्यालय मंसूरपुर-1 में 158 में से 94 तथा प्राथमिक विद्यालय जोहरा में 87 में से 69 छात्र उपस्थित पाए गए।
सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जड़ौदा-1 में 171 में से 127 छात्र उपस्थित मिले, जबकि तीन शिक्षक अवकाश या अनुपस्थित पाए गए। बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय जड़ौदा में 154 में से 121 छात्र उपस्थित रहे और एक शिक्षिका चिकित्सा अवकाश पर पाई गईं। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि अधिकांश बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म में विद्यालय आए थे और सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार तैयार किया जा रहा था।
सभी विद्यालयों में बालक-बालिका शौचालय, मल्टीपल हैंडवॉश यूनिट, हैंडपंप एवं सबमर्सिबल क्रियाशील अवस्था में पाए गए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज अध्यापकों को निर्देशित किया कि नामांकन के सापेक्ष कम से कम 90 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही एक सप्ताह के भीतर विद्यालयों की रंगाई-पुताई पूर्ण कराने, टैबलेट का नियमित उपयोग करने, खेल सामग्री का प्रतिदिन प्रयोग सुनिश्चित करने तथा सभी 13 रजिस्टरों का पूर्ण डिजिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए गए। शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराने के लिए भी सख्त हिदायत दी गई।















