मुजफ्फरनगर के छात्र-छात्राओं ने नई दिल्ली में रचा इतिहास, विश्व कीर्तिमान बनाने की ओर कदम

नई दिल्ली के आधुनिक कला संग्रहालय, जयपुर हाउस में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने न केवल कला जगत को नई दिशा दी बल्कि विश्व कीर्तिमान की ओर भी कदम बढ़ाया। इस कार्यक्रम में देशभर से लगभग 5000 से अधिक बाल, युवा एवं वरिष्ठ चित्रकारों ने भाग लेकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सभी कलाकारों ने “विजन 2047” विषय पर अपने विचारों और भावनाओं को कैनवास पर उकेरकर भविष्य के भारत की कल्पना को रंगों के माध्यम से साकार किया।

कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर के विभिन्न बाल एवं युवा चित्रकारों की भी भागीदारी उल्लेखनीय रही। इनमें अनमोल सोनी, प्रीति प्रजापति, बुढ़ाना से सुनील कुमार, ननोता से रवि चरण, तेजस, विशु, जोया, वंश सैनी कृष्णा, साहिल कुमार और छवि कोलियान जैसे प्रतिभाशाली नाम शामिल रहे। इन युवा कलाकारों ने अपनी कल्पना और कौशल से दर्शकों का मन मोह लिया और साबित किया कि मुजफ्फरनगर की धरती कला-संस्कृति में भी अपनी अलग पहचान रखती है।

डीएवी इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के चित्रकला प्रवक्ता प्रवीण कुमार सैनी ने भी अपनी पेंटिंग प्रस्तुत की। उनकी पेंटिंग का विषय “नारी सशक्तिकरण” रहा, जिसे कार्यक्रम में विशेष सराहना मिली। दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस रचना की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह चित्र केवल कला का नमूना नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की शक्ति और योगदान का जीवंत प्रतीक है। इस सराहना ने मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मान बढ़ा दिया।

यह महाआयोजन नैशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, जयपुर हाउस और राष्ट्रीय ललित कला अकादमी नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कई गणमान्य हस्तियां भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता आधुनिक कला संग्रहालय के निदेशक प्रो. संजीव किशोर गौतम ने की। मुख्य मंच पर पद्मश्री श्याम शर्मा, ललित कला अकादमी से हिमांशु डबराल, संस्कृति विभाग से अंकित शर्मा और वरिष्ठ छायाकार बिजेंद्र शर्मा मौजूद रहे। इसके साथ ही महानगर पालिका नई दिल्ली से कुलदीप चहल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से कला और संस्कृति की खुशबू से सराबोर रहा। बच्चों से लेकर वरिष्ठ चित्रकारों तक ने अपनी रचनाओं में भविष्य के भारत की झलक दिखाई। कोई कलाकार विज्ञान और तकनीक से प्रेरित था तो किसी ने ग्रामीण भारत की तस्वीर उकेरी। किसी ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों को कैनवास पर उतारा तो किसी ने भारत की विविधता और एकता को दर्शाया। यह विविधता ही इस आयोजन की असली खूबसूरती रही।

मुजफ्फरनगर से जुड़े कलाकारों का इस स्तर पर नाम रोशन करना क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। इस आयोजन ने साबित किया कि छोटे शहरों और कस्बों से निकले कलाकार भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं। विजन 2047 की इन रंगीन झलकियों ने भविष्य के भारत की आशाओं और आकांक्षाओं को कला के जरिए नई ऊर्जा प्रदान की। यह आयोजन केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक चेतना का प्रतिबिंब बनकर सामने आया।

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