राजस्थान सरकार ने हुक्का बार और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने बताया कि राज्य में हुक्का बार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू है और अवैध रूप से संचालित हुक्का बार और ड्रग कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पंत ने पुलिस विभाग को राज्य के हुक्का बार निषेध अधिनियम—2019 के तहत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर तंत्र (एनसीओआरडी) की राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक में बताया कि अवैध मादक पदार्थ सेवन को रोकने के लिए शराब की दुकानों, बार, पब, होटल और रेस्टोरेंट्स के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने की योजना है।
राज्य सरकार ने नशे से लड़ने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), पुलिस, परिवहन और अन्य विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ड्रग माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, चिकित्सा विभाग, पुलिस और एनसीबी को संयुक्त अभियान चलाकर अवैध ड्रग्स और दवाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए जिले स्तर पर टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित की जाएं, और सीमावर्ती जिलों में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सख्त नाकाबंदी की जाए।
शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को नशे की लत से दूर रखने के लिए ई-प्रतिज्ञा दिलाएं और निजी नशामुक्ति केंद्रों की प्रभावी मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।















