राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के ग्राम मुर्राटा की जोगिन की ढाणी में चल रही महाशिवपुराण कथा के दौरान आचार्य कैलाश नाथ शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव और माता सती से जुड़ी पौराणिक कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कैसे भगवान शिव और माता सती मृत्यु लोक भ्रमण पर निकले। इस दौरान माता सती ने माता सीता का रूप धारण कर भगवान राम की परीक्षा ली, जिससे भगवान शिव ने उन्हें त्याग दिया। इसके बाद राजा दक्ष प्रजापति द्वारा आयोजित यज्ञ में भगवान शिव को आमंत्रण नहीं भेजा गया। माता सती बिना निमंत्रण के ही यज्ञ में पहुंची जहां उनका अपमान हुआ। आहत होकर माता सती ने अपने शरीर को अग्नि में भस्म कर लिया। इससे क्रोधित होकर भगवान शिव ने यज्ञ को भंग कर दिया। बाद में 33 कोटी देवी-देवताओं के प्रार्थना करने पर भगवान शिव ने यज्ञ को पूर्ण कराया। इस अवसर पर श्रद्धालु बनवारीलाल जोगी ने बताया कि कथा से पूर्व विधिवत शिव पूजा और जलाभिषेक किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ कथा का श्रवण किया।















