मुजफ्फरनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ के नेतृत्व में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 तक “NCL जागरूकता अभियान 2.0” सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों — भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita – BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Bharatiya Sakshya Adhiniyam – BSA) — के बारे में पुलिसकर्मियों को विस्तृत जानकारी प्रदान करना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्हें प्रशिक्षित करना रहा।
1 नवंबर को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में एक विशेष रिफ्रेशर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष, थानाप्रभारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, एचएम क्राइम और जीडी मुंशी समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। जबकि जनपद के अन्य थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों ने इस कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया। कार्यशाला के दौरान सहायक अभियोजन अधिकारी नितिन कुमार शर्मा और धर्विन्दर पाल सिंह ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से नए कानूनों के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण सत्र में बताया गया कि इन नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और पीड़ित-केंद्रित बनाना है। इनमें डिजिटल साक्ष्य की वैधानिक स्वीकृति, ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा, बलात्कार पीड़ितों की गोपनीयता की सुरक्षा, गिरफ्तारी और जमानत से जुड़ी प्रक्रियाओं में सुधार जैसे कई आधुनिक बदलाव शामिल किए गए हैं। नए कानूनों में पहली बार मॉब लिंचिंग, आतंकवाद, और स्नैचिंग जैसे अपराधों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और इनके लिए सख्त दंड का प्रावधान किया गया है।
साथ ही इन कानूनों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए वीडियो ट्रायल की व्यवस्था, फोरेंसिक साक्ष्यों को अधिक महत्व देने और पीड़ितों को थाने गए बिना ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा जैसे प्रगतिशील सुधार किए गए हैं। यह भी बताया गया कि पीड़ित कहीं से भी जीरो एफआईआर दर्ज करा सकते हैं, जिससे न्याय तक पहुंच आसान हो गई है।
इस तीन दिवसीय जागरूकता अभियान के अंतर्गत जनपद मुजफ्फरनगर के दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को नए आपराधिक कानूनों पर रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पुलिस बल इन नए प्रावधानों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कर सके और जनता को बेहतर, पारदर्शी व त्वरित न्याय दिलाने में सक्षम बने।
















