एसआईआर अभियान में सपा कार्यकर्ता मतदान स्थलों पर डटे, बीएलओ से सूचियां लेकर सत्यापन शुरू

मुजफ्फरनगर में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) अभियान के तहत गणना फॉर्म दाखिल करने के चरण की समाप्ति और बीएलओ द्वारा मृतक, शिफ्ट तथा लापता मतदाताओं की सूची जारी किए जाने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी एडवोकेट के आह्वान पर सपा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी जिले की सभी छह विधानसभाओं में मतदान स्थलों पर सक्रिय रूप से डटे रहे। पार्टी नेताओं ने पोलिंग स्टेशनों पर मौजूद रहकर बीएलओ और सुपरवाइजर से सीधे संपर्क किया और अभियान के दौरान सामने आई डबल वोट, मृतक तथा लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की सूचियां प्राप्त कीं।

सपा कार्यकर्ताओं ने प्राप्त सूचियों की गहनता से जांच शुरू कर दी है, ताकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलत नामांकन को समय रहते चिन्हित किया जा सके। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है। इसी क्रम में सपा नेताओं ने अलग-अलग मतदान केंद्रों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रिपोर्ट तैयार की।

इस अभियान में सपा नेता साजिद हसन, सपा अल्पसंख्यक सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ इसरार अल्वी, सपा छात्र सभा महानगर अध्यक्ष नदीम मलिक, सपा सोशल मीडिया प्रभारी नावेद रंगरेज सहित कई वरिष्ठ और युवा नेता सक्रिय रहे। पीआर पब्लिक स्कूल सुभाषनगर, मीरापुर के नरसिंहपुर चुड़ियाला, ग्राम ककरौली, ग्राम बेल्डा, सुजड़ू, ग्राम सिमरथी, जसवंतपुरी, केवलपुरी मल्हूपूरा सहित विभिन्न मतदान स्थलों पर सपा कार्यकर्ताओं ने डटे रहकर बीएलओ से सूचनाएं जुटाईं। इन स्थानों पर सादिक चौहान, इमरान खान एडवोकेट, मुशर्रफ अंसारी, डॉ हनी समाहत, फैसल राणा, नदीम राणा, लोकेंद्र कुमार, दुर्गेश पाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सपा नेता साजिद हसन ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने गणना फॉर्म में वर्ष 2003 की अपनी वोटिंग या अपने माता-पिता, दादा-दादी अथवा नाना-नानी से संबंधित विवरण दिया है, उनसे किसी भी प्रकार के अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगे जाने चाहिए। ऐसे मतदाताओं का नाम विधिवत मतदाता सूची में दर्ज किया जाना चाहिए और उन्हें अनावश्यक नोटिस जारी नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी मतदाता को गलत तरीके से नोटिस भेजकर परेशान किया गया तो समाजवादी पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी।

सपा नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग है और मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान के दौरान जुटाई गई सभी रिपोर्टों का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी। पार्टी का दावा है कि वह आम मतदाता के हितों की रक्षा के लिए आगे भी इसी तरह जमीनी स्तर पर सक्रिय बनी रहेगी।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts