सिरोही के सरजावा गेट पर मंत्री ओटा राम देवासी और भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा आतिशबाजी करने के दृश्य ने आम जनता की भावनाओं को झकझोर दिया है। लोगों का कहना है कि जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में हैं। पशु चिकित्सालयों में 500 में से 300 पद खाली पड़े हैं, जबकि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी का आलम यह है कि झोलाछाप डॉक्टरों के कारण एक मासूम बालिका की जान चली गई, लेकिन सरकार और प्रशासन इस पर गंभीर होते नहीं दिख रहे।
सोमवार को मंत्री ने प्रेस वार्ता की, लेकिन सूरत अग्निकांड में प्रवासी श्रमिकों की मौत पर एक शब्द भी संवेदना प्रकट करना उचित नहीं समझा। इस रवैये को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में गहरा आक्रोश है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि जो नेता ‘राम राज्य’ का वादा करते हैं, वे जनता की तकलीफों पर संवेदनहीन बने हुए हैं।
अब आम जनता को अपने हक और अधिकारों के लिए खुद आवाज उठानी होगी, क्योंकि सच को आज नहीं तो कल स्वीकार करना ही पड़ेगा।















