बिहार कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने वो कह दिया है, जो पार्टी में लंबे समय से सिर्फ़ फुसफुसाहट में कहा जाता रहा। एक निजी टीवी चैनल के पॉडकास्ट में उन्होंने राहुल गांधी को भारतीय राजनीति का “सबसे डरपोक और असुरक्षित नेता” बताकर सोनिया गांधी के लाडले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।कभी राहुल गांधी के करीबी रहे शकील अहमद के इस हमले ने कांग्रेस की अंदरूनी दरार को सरेआम कर दिया है।
कद्दावर नेता से डरते हैं राहुल गांधी
शकील अहमद के मुताबिक राहुल गांधी को ऐसे नेता पसंद हैं जो उनसे सवाल न करें, चुनौती न दें-बस “यस बॉस” कहते रहें। उनका आरोप है कि जैसे ही कोई मजबूत या अनुभवी नेता सामने आता है, राहुल असहज हो जाते हैं। शायद यही वजह है कि पार्टी में ताकतवर नेताओं की जगह आजकल आज्ञाकारी चेहरों की भरमार दिखती है।
मल्लिकार्जुन खड़गे नाम के अध्यक्ष
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर भी शकील अहमद ने तंज कसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि खरगे सिर्फ़ “विज़िटिंग कार्ड अध्यक्ष” हैं, जबकि पार्टी की रिमोट कंट्रोल आज भी राहुल गांधी के हाथ में है। संगठनात्मक लोकतंत्र की बात करने वाली पार्टी में असली लोकतंत्र शायद अब भी खोजा जा रहा है।
‘संविधान बचाओ’ आंदोलन: नारा ज़ोरदार, नतीजा नदारद
राहुल गांधी के बहुचर्चित ‘संविधान बचाओ’ आंदोलन को भी अहमद ने पूरी तरह फ्लॉप करार दिया। उनके अनुसार आंदोलन ज़्यादा पोस्टर और भाषणों तक सीमित रहा, ज़मीन पर न असर दिखा, न जनता में कोई हलचल।
मुस्लिम नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने से भी डरते हैं
सबसे तीखा और संवेदनशील हमला मुस्लिम नेतृत्व को लेकर रहा। शकील अहमद का आरोप है कि कांग्रेस के बड़े नेता अब मुस्लिम नेताओं के साथ तस्वीर खिंचवाने से भी डरते हैं-कहीं हिंदू वोट बैंक नाराज़ न हो जाए। मुस्लिम आउटरीच अब रणनीति कम और रस्म ज़्यादा बनकर रह गई है।















