मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एफएमडी टीकाकरण का सातवां चरण शुरू

मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक पशु बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से सातवें चरण का व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया है। इस अभियान की औपचारिक शुरुआत विकास भवन, मुजफ्फरनगर से की गई, जहां मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर टीकाकरण वाहनों को क्षेत्र के लिए रवाना किया गया। इन वाहनों के साथ टीकाकरण में तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी एवं प्रशिक्षित कार्मिकों की टीमें मौजूद रहीं, जो गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी।कार्यक्रम के दौरान जिले के उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य पशु चिकित्सा अधिकारी अपनी-अपनी टीमों के साथ उपस्थित रहे। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह अभियान पशुधन के स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारी पशुओं की उत्पादकता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है और इसका सीधा असर किसानों व पशुपालकों की आजीविका पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण से इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है और पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकता है।

डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि इस चरण में पशु विभाग की टीमें जिले के सुदूर और दूरस्थ गांवों तक स्वयं पहुंचेंगी, ताकि किसी भी पशुपालक को टीकाकरण से वंचित न रहना पड़े। अभियान के अंतर्गत जिले के नौ विकासखंडों में स्थित 46 पशु चिकित्सालयों के कार्यक्षेत्र को कवर किया जाएगा। 23 पशु चिकित्सा अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमें भ्रमण करते हुए लगभग 5.35 लाख गौवंश एवं भैंसवंशीय पशुओं का टीकाकरण करेंगी। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीकाकरण पूरी तरह निःशुल्क है और इसे चरणबद्ध तरीके से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा किया जाएगा। प्रत्येक गांव के लिए टीकाकरण की तिथि पहले से तय की गई है, ताकि पशुपालक अपने पशुओं को समय पर उपलब्ध करा सकें। अभियान के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

पशुपालकों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और अपने पशुओं का समय से टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्हें सलाह दी गई है कि वे अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क कर अपने गांव में टीकाकरण की तिथि, समय तथा टीका लगाने वाले कर्मचारियों का विवरण प्राप्त कर लें। यदि निर्धारित तिथि पर किसी कारणवश टीकाकरण नहीं हो पाता है या किसी प्रकार की अन्य समस्या उत्पन्न होती है, तो पशुपालक तुरंत अपने पास के पशु चिकित्सालय में संपर्क करें, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके और पशुओं को समय पर सुरक्षा प्रदान की जा सके।

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