मुजफ्फरनगर जनपद में बाल श्रम के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए श्रम विभाग द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। माननीय जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के आदेश पर सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के निर्देशन में यह अभियान पुरकाजी क्षेत्र में संचालित हुआ। अभियान में श्रम परिवर्तन अधिकारी सुश्री शालू राणा, थाना मानव तस्करी विरोधी टीम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र की संयुक्त टीम शामिल रही। अभियान के दौरान सात प्रतिष्ठानों पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य कराए जाने की पुष्टि हुई, जिसके चलते संबंधित सेवायोजकों को कानूनी कार्रवाई के तहत नोटिस जारी किए गए।श्रम परिवर्तन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान बाल श्रम के उन्मूलन तक लगातार चलता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों का मूल अधिकार शिक्षा है और उसे किसी भी सूरत में छीना नहीं जाना चाहिए। वहीं सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लिया है, और उसी के तहत यह कार्यवाही की जा रही है। उनका कहना था कि समाज के प्रत्येक वर्ग को इस दिशा में जागरूक होकर योगदान देना होगा, ताकि हर बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।अभियान को सफल बनाने में थाना पुरकाजी के प्रभारी सर्वेश कुमार, हेड कांस्टेबल अमरजीत, महिला कांस्टेबल विमलेश, एक्सेस टू जस्टिस संस्था से गजेंद्र सिंह और जोमन राय का सक्रिय सहयोग रहा। यह अभियान समाज में बाल श्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार नागरिकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















