बांदा जिले के पैलानी थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरहरी गांव में पप्पू उर्फ श्रवण कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया है। पप्पू ने बताया कि 25 अगस्त की रात उनके गांव के ज्वाला पुत्र बद्री अवस्थी के घर चोरी हुई थी और 31 अगस्त की रात पंकज पुत्र रामनरेश के घर चोरी का प्रयास हुआ। गांव निवासी होने के कारण उन्हें इसकी जानकारी हुई।
27 अगस्त को तत्कालीन चौकी इंचार्ज दान बहादुर पाल ने उन्हें पुलिस चौकी बुलाया। पूछताछ और जांच के बाद उन्हें उसी रात पैलानी थाने ले जाया गया और रात 9 बजे घर छोड़ दिया गया। लेकिन 1 सितंबर की सुबह उनके गांव के कुछ दबंग व अपराधी प्रवृत्ति लोगों ने उन्हें और उनकी पत्नी को अपने घर बुलाया और वहां गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसे और डंडों से पीटा। आरोप है कि उन्होंने चोरी कबूल करने को कहा, लेकिन पप्पू ने मना किया।
पीड़ित ने बताया कि 112 नंबर की पुलिस ने उन्हें चौकी ले जाकर अपने सामने ही मारपीट की। आरोप है कि चौकी इंचार्ज खप्टिहाकला हरीशरण सिंह ने आरोपियों से पैसे लेकर उन्हें डंडों और थप्पड़ों से पीटा। मारपीट के दौरान उनके दाहिने हाथ की दो उंगलियां टूट गईं। इसके बाद चौकी इंचार्ज ने उन्हें पेशाब का गिलास पीने को मजबूर किया और धमकी दी कि अगर चोरी का सामान नहीं लौटाया तो फर्जी केस में जेल में डाल दिया जाएगा।
पीड़ित की पत्नी और मां इस घटना की साक्षी रहीं। 3 सितंबर को चौकी इंचार्ज ने दोबारा धमकी दी। पप्पू डर के मारे थाना अध्यक्ष के पास शिकायत लेकर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 11 सितंबर को जिला अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराई गई, जिसमें दाहिने हाथ की दो उंगलियां टूटने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने अदालत के आदेश पर चौकी इंचार्ज हरीशरण सिंह, रामरूप सिंह, भइया, पंकज, ज्वाला, विद्याधर और सुनील के खिलाफ दंगा करना, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना और अचानक उकसावे पर हमला करने समेत पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।















